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Archive for ऑक्टोबर 23, 2011

श्रीविष्णुसहस्त्रनामस्तोत्रम्

श्रीविष्णुसहस्त्रनामस्तोत्रम्

अक्रूर: पेशलो दक्षो दक्षिण: क्षमिणां वर: |
विव्दत्तमो वीतभय: पुण्यश्रवणकीर्तन: ||१११||

उत्तारणो दुष्कृतिहा पुण्यो दु:स्वप्ननाशन: |
वीरहा रक्षण: सन्तो जीवन: पर्यवस्थित: ||११२||

अनन्तरूपो S नन्तश्रीरजितमन्युर्भयापह: |
चतुरस्त्रो गभीरात्मा विदिशो व्यादिशो दिश: ||११३|

अनादिर्भूर्भुवो लक्ष्मी: सुवीरो रुचिरा ड्.गद : |
जननो जनजन्मोदिर्भीमो भीमपराक्रम: ||११४||

आधारनिलयो S धाता पुष्पहास: प्रजागर: |
ऊर्ध्वग: सत्पथाचार: प्राणद: प्रणव: पण: ||११५||

प्रमाणं प्राणनिलय: प्राणभृत्प्रानणजीवन: |
तत्वं तत्वविदेकात्मा जन्ममृत्युजरातिग: ||११६||

भूर्भुव: स्वस्तरुस्तार: सविता प्रपितामह: |
यज्ञो यज्ञपतिर्यज्वा यज्ञा ड.गो यज्ञवाहन: ||११७||

यज्ञभृद्दज्ञकृज्ञी यज्ञभुग्यज्ञसाधन: |
यज्ञान्तकृद्दज्ञगुह्यमन्नमन्नाद एव च ||११८||

आत्मयोनि: स्वयंजातो वैखान: सामगायन: |
देवकीनन्दन: स्त्रष्टा क्षितीश: पापनाशन: ||११९||

श ड्ख. भृन्न न्दकी चक्री शा र्डग.धन्वा गदाधर:
रथा डग.पाणिरक्षोभ्य: सर्वाप्रहरणायुध : ||१२०||

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