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Archive for जानेवारी 13, 2012

सूर्य याची आरती

                                                   ॐ
सूर्य याची आरती : जय जय जगतहरणा दिनकर सुखकिरणा || उदयाचल
जगभासक दिनमणि शुभस्मरणा | पद्मासन सुखमूर्ती सुहास्यवदना |
पद्मकर वरदप्रभ भास्वत सुखवदना ||१|| जय देव जय देव जय भास्कर सूर्या |
विधिहरिशंकररूपा जय सुरवरवर्या ||धृ O || कनकाकृतिरथ एकचक्रांकित तरणी |
सप्तननाश्र्वभूषित रथिं त्या वैसोनी || योजनसहस्त्र व्दे व्दे शतयोजना दोनी |
निमिषार्धै जग क्रमिसी अद् भूत तव करणी ||जय O || ||२||
जगदुभ्दव स्थितिप्रलयकरनाद्दरूपा | ब्रह्म परात्पर पूर्ण तूं अव्दय तद्रूपा ||
तत्वपदव्यतिरित्क अखंडसुखरूपा |अनन्य तव पद मौनी वंदित चीद्रुपा ||
जय देव जय देव जय भास्करा सूर्या ||३||

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